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कई गांवों में नहीं पानी की व्यवस्था

पानी लेने जाना पड़ रहा भारी

नदी के लेव में फंसे ग्रामीण

पानी के लिए जिंदगी से खेल रहे लोग

यह है ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर

राजनैतिक दल तस्वीर पर डाल रहे पर्दा

आजादी के 75 सालों बाद भी कई गांव ऐसे हैं..जहां लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं कराया जा सका है..कई गांवों के वाशिंदे आज भी अपनी जान जोखिम में डालकर दूर-दूर से पीने का पानी लाते हैं..हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील में भी कुछ इसी तरह की तस्वीरें देखने को मिलीं..जहां दो लोग नदी के लेव में बुरी तरह फंस गए जिन्हें ग्रामीणों की खासी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया..शुद्ध पानी के लिए ग्रामीण बड़ी जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं..इस कठिन परिश्रम का फल इन्हें कभी मिलेगा या नहीं,इसी पर करेंगे चर्चा जनमुद्दा में…

मौदहा तहसील के छानी गऊघाट के ग्रामीणों को आज तक शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका है..इन गांवों का पानी इतना खारा है कि उसे जानवर भी पीना पसंद नही करते..मजबूरन लोग केन नदी से पीने का पानी लाते हैं…जिसके लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है..कुछ महीने पहले ही जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने हमीरपुर पहुँचकर जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना का निरीक्षण किया था..और हर घर पानी पहुंचने का दावा किया था..लेकिन आज यह योजना कहां संचालित है किसी को कोई खबर नहीं है… बारिश के समय पेयजल की समस्या बढ़ जाती है..क्योंकि नदी में बाढ़ के साथ ही दूर दूर तक लेव जमा हो जाता है..और लोग इसी से पानी लाते हैं.. इसी जोखिम भरे कार्य में दो लोग लेव में इस कदर फंस गए कि उनके जान के लाले पड़ गए..गनीमत रही कि इस दौरान प्रशासनिक अमला मौजूद था..और मौजूद ग्रामीणों की मदद से किसी तरह से दोनों को बाहर निकाला गया…